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“चिंता करने से भी तकदीर नहीं बदलती तकदीर को बदलने के लिए….”-उपेंद्र मुनि जी महाराज

जेएल न्यूज / JL NEWS

करनाल (हरियाणा) / 16-07-2023

(रिपोर्ट -राजेंद्र कुमार)

जैन स्थानक 48 सेक्टर 14 करनाल में जनसभा को संबोधित करते हुए पंडित रतन श्री उपेंद्र मुनि जी महाराज ने कहा कि चिंता करने से भी तकदीर नहीं बदलती तकदीर को बदलने के लिए चिंतन और अनुशासित पुरुषार्थ करने की आवश्यकता है ।याद रखिए कि चिंता चिता से भी भयंकर है।चिता तो निर्जीव कलेवर को जला देती है ।और चिंता सजीव शरीर को जलाकर राख बना देती है । श्री उपेंद्र मुनि जी महाराज ने कहा कि चिंता उत्पत्ति का मूल कारण है पर पदार्थों की अभिलाषा ।

 

जीव अपने स्वरूप में सन्तुष्ट न होकर जड़ प्रदार्थो की इच्छा करता है । बलिक उस इच्छा को और अधिक बढ़ाता रहता है ।बस ज्यो ज्यो इच्छाओं की अभिवृद्धि होगी ।तब तब चिंता भी बढ़ेगी उसे रोकने एवं चिंताओं को दूर करने का सहज उपाय है पर प्रदार्थो के प्रति निस पृहननति धारण करना ,अपने आप में संतुष्ट रहना । इस बात की ओर ध्यान दें चने खाकर कभी प्यास नही बुझाई जा सकती,चने खाने से प्यास बढ़ेगी इसलिए चिंता निवारण के लिये किये गये प्रतिकूल उपायो से चिंताओं की अभिवृद्धि ही हो सकती है,उसका निवारण नही हो सकता। मुनि श्री ने कहा कि चिंता करने से ना कुछ आता है ना कुछ जाता है। चिंता करने से अनिष्ट मिटता हो औऱ इष्ट की प्राप्ति होती हो तो सम्रग संसार यथेष्ट सम्पति आदि का स्वामी बन गया होता और किसी को भी किसी भी चीज की कमी ना होती। मगर ऐसा ना कभी हुआ है ना भविष्य में होगा। प्रत्येक प्राणी को अपने शुभाशुभ क्रमानुसार फल मिलता है चिंता उस फल को पलट देने में समर्थ नही होती तो फिर चिंता करने का लाभ क्या हुआ है। हाँ इतना जरूर है कि चिंता के कारण मनुष्य शारीरिक एवं मानसिक रूप से दुर्लभ हो जाता है। ज्ञानी पुरुष ऐसा सोचकर चिन्ता के शिकार नही बनते।

और ठीक भी है चिन्ता करने से कुछ भी लाभ नही होता। बलिक फिर भी लोग संकट आने पर चिंताग्रस्त हो जाते हे और परिणाम स्वरूप संकट का प्रतिकार करने की शक्ति खो बैठते है। निवेदन है संकट आने पर हाय हाय ना करे अपितु चिंतन और पुरुषार्थ के द्वारा तकदीर बदलने की हर संभव चेष्टा करें बाकि प्रभु भरोसे छोड़ दे। इस इस अवसर पर प्रधान प्रभात कुमार जैन ,उप प्रधान विनोद जैन, उप प्रधान प्रवीण जैन ,महासचिव कृष्ण जैन ,रामनारायण जैन ,सुरेश जैन ,दिनेश जैन ,सुरेंद्र जैन ,सुभाष जैन ,प्रेम जैन ,ईश्वर चंद जैन, रमन जैन , अंसुल जैन ,महिला मंडल से शिखा जैन ,नीतू जैन,ममता जैन उर्मिल जैन रिमा जैन ,नीरा जैन,पूनम जैन आदि रहे उपस्थित

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